14 जून 2018

परदेस में चांद रात

कल यहां भी "ईद" है परदेस में... !!!

शायद दाना हमारे नसीब का

रब ने यूं बखेरा है परदेस में

चुन रहे है तिनका तिनका

वो सब अपनों की ईदी है

कल यहां भी "ईद" है परदेस में.... !!!

यहां चांद कौन देखता है भला

बस तुम्हारी तरह यहां भी कल ईद है

सुबह का बचा खाना खा कर लेता हूं

कमरा बिखरा है दुरुस्त करना है

कल साथी मिलने आयेंगे "शायद"

कल यहां भी "ईद"है परदेस में..... !!!

नींद तो कब की फाख्ता हो गई

मुझे कल के बर्तन भी धोने है

अलार्म लगा कर सो जाऊंगा

मम्मी ना जगाएगी यहां परदेस में

कल यहां भी "ईद"  है परदेस में....!!!

गर वक़्त पर जागा तो "जमील"

कल वहीं कपड़े पहन लूंगा

जो इस्त्री करके रखे है मैने

फ़िक्र है अपनी की ईद चांद हो जाए

बस यही तो हमारी ईदी है

कल यहां भी "ईद" है परदेस में....!!!☹️
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