25 दिस॰ 2018

अलाव

ठंडी सर्द हवाएं
जलता अलाव
उसके इर्द गिर्द
यारों का जमघट
मोबाइल चुरा ले गया वो दिन..

बुझे हुए अलाव से
राख के ढेर को
खुरच खुरच
चिंगारी ढूढना
मोबाइल चुरा ले गया वो दिन..

रोज शाम ढले
मांगकर लकड़ियां
उसी अलाव पर
फिर अलाव जलाना
मोबाइल चुरा ले गया वो दिन..
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